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भारत रतन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर युवा वैज्ञानिक को किया सम्मानित

इस खबर के स्पोंसर है सॉफ्टनिक इंडिया, शाही मार्केट, गोलघर, गोरखपुर


भारत रतन डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि पर युवा वैज्ञानिक को किया सम्मानित

गोरखपुर 27 जुलाई भारत के 11वें राष्ट्रपति, भारत रत्न डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की दसवीं बरसी के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में इंडियन ह्यूमन राइट्स ऑर्गेनाइजेशन, गोरखपुर और एलिगेंट कोचिंग सेंटर के संयुक्त तत्वाधान में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की गई और युवा साइंटिस्ट को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ हड्डी रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डॉक्टर रहमत अली ने किया। जबकि विशिष्ट अतिथि के रुप में शैलेंदर मिश्रा,इंजीनियर मुहम्मद युसुफ ख़ान,अरशद जमाल सामानी,आदिल अमीन,ज़ोयाआरिफ ख़ान और भारतीय मानवाधिकार संगठन के राष्ट्रीय महासचिव शहाब हुसैन उपस्थित थे।

डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम की पुण्यतिथि के अवसर पर राष्ट्रीय बाल वैज्ञानिक तैय्याब अख़्तर यूसुफज़ई को शाल,माला व पुष्प गुच्छ और प्रशस्ति पत्र देकर उनका सम्मान किया गया।

कार्यक्रम के अध्यक्षता कर रहे डॉक्टर रहमत अली ने कहा कि पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम को एक प्रेरक दूरदर्शी, उत्कृष्ट वैज्ञानिक, मार्गदर्शक और एक महान देशभक्त के रूप में याद किया जाता है। राष्ट्र के प्रति उनका समर्पण अनुकरणीय था। उनके विचार भारत के युवाओं को एक विकसित और सशक्त भारत के निर्माण में योगदान देने के लिए प्रेरित करते हैं।”

मानव अधिकार संगठन के राष्ट्रीय महासचिव शहाब हुसैन ने बताया कि अब्दुल कलाम अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम (15 अक्टूबर 1931 - 27 जुलाई 2015) एक प्रोफेसर, दार्शनिक, डीआरडीओ और इसरो के प्रशासक, राजनीतिज्ञ, भारतीय एयरोस्पेस वैज्ञानिक थे। जिन्होंने 2002 से 2007 तक भारत के राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया। उन्हें "भारत के मिसाइल मैन" के रूप में जाना जाता था।इस महान वैज्ञानिक एवं भारत रत्न राष्ट्रपति, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत-शत नमन। उन्होंने कहा कि विज्ञान प्रयोगशाला से लेकर राजनीतिक क्षेत्र तक, उनके व्यापक योगदान ने एक नए और उन्नत भारत की नींव रखी है। वे आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रकाश स्तंभ बने रहेंगे।”लोग यह भी जानना चाहते हैं

एपीजे अब्दुल कलाम का पूरा इतिहास क्या है?

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ए.पी. जे. अब्दुल कलाम के बारे में जानकारी प्रदान की है: 15 अक्टूबर, 1931 को रामेश्वरम में जन्मे, उन्होंने भौतिकी और एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। उन्होंने इसरो और डीआरडीओ में प्रमुख परियोजनाओं का नेतृत्व किया और मिसाइल विकास और 1998 के परमाणु परीक्षणों में अपनी भूमिका के लिए "मिसाइल मैन" की उपाधि अर्जित की।

विशिष्ट अतिथि इंजीनियर मुहम्मद युसुफ ख़ान ने कहा कि विज्ञान, शिक्षा और राष्ट्रनिर्माण के क्षेत्र में पुर्व राष्ट्रपति, डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम जी का योगदान अद्वितीय है। कलाम साहब ने युवाओं को न केवल बड़े सपने देखना सिखाया, बल्कि उन्हें साकार करने की दिशा भी दिखाई। 

विशिष्ट अतिथि के रुप में पधारे शैलेंदर मिश्रा ने बताया कि डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन हम सभी के लिए प्रेरणास्रोत है जो सदैव हमें राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। कार्यक्रम का संचालन फ़र्रूख़ जमाल ने किया।

कार्यक्रम के अंत में एलिगेंट कोचिंग सेंटर की निदेशक डॉ ज़ोया ख़ान ने आए हुए मेहमानों को धन्यवाद ज्ञापित किया।

कार्यक्रम में विशेष रूप से राष्ट्रीय महासचिव शहाब हुसैन, मोहम्मद आरिफ ख़ान, डॉक्टर मुस्तफा ख़ान, सुनील मणि त्रिपाठी, एडवोकेट हरीश मिश्रा,अनिल पाण्डेय, मु अब्दुल्लाह , अरशद जमाल समानी, सरफराज खान,एलिगेंट कोचिंग की निदेशक ज़ोया आरिफ खान आदि दर्जनों लोग उपस्थित थे।

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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)

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