- by Amit Kumar Gond
- 2026-02-12 11:01:01
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
विश्व रोगी दिवस 2026 के अवसर पर फातिमा हॉस्पिटल, गोरखपुर द्वारा 11 फरवरी से 13 फरवरी 2026 तक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। इस वर्ष की थीम “दया और करुणा का समरिटन: दूसरे के दर्द को अपनाकर प्रेम करना” रखी गई है, जो रोगियों के प्रति संवेदना, सहानुभूति और समग्र उपचार पद्धति के महत्व को दर्शाती है।
निदेशक का संदेश: उपचार के साथ करुणा भी जरूरी
फातिमा हॉस्पिटल के निदेशक फा. डॉ. संतोष सेबास्टियन ने अपने संबोधन में कहा कि रोगी केवल इलाज का विषय नहीं, बल्कि एक इंसान है जिसे प्रेम, सम्मान और संवेदना की आवश्यकता होती है। उन्होंने कहा कि चिकित्सा सेवा का वास्तविक अर्थ तभी पूर्ण होता है, जब उपचार के साथ करुणा भी जुड़ी हो। उन्होंने बताया कि फातिमा हॉस्पिटल निरंतर ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने के लिए प्रतिबद्ध है।
गर्भावस्था में एनीमिया पर विशेष जागरूकता सत्र
कार्यक्रम के प्रथम सत्र में प्रसूति एवं स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निकिता गुप्ता (विशेषज्ञता – उच्च जोखिम गर्भावस्था एवं प्रसव प्रबंधन) ने “गर्भावस्था में एनीमिया” विषय पर जानकारी दी। उन्होंने बताया कि मातृ एनीमिया (हीमोग्लोबिन 11 ग्राम/डीएल से कम) प्री-टर्म डिलीवरी, कम जन्म वजन, पोस्टपार्टम हेमरेज और मातृ रुग्णता के जोखिम को बढ़ाता है।
उन्होंने शीघ्र पंजीकरण, नियमित एएनसी जांच, हीमोग्लोबिन मॉनिटरिंग तथा आयरन-फोलिक एसिड सप्लीमेंटेशन के महत्व पर जोर दिया। समय पर स्क्रीनिंग एवं आवश्यक होने पर पैरेंट्रल आयरन थेरेपी से मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य बेहतर किया जा सकता है।
संचारी रोगों से बचाव पर दिया जोर
द्वितीय सत्र में नेत्र रोग विभागाध्यक्ष डॉ. अंजुम जैन (MBBS, MS) ने “संचारी रोग” विषय पर स्वास्थ्य वार्ता दी। उन्होंने संक्रामक रोगों से बचाव, स्वच्छता, समय पर उपचार और जागरूकता के महत्व को रेखांकित किया। कार्यक्रम आगामी दो दिनों तक चलेगा, जिसमें विभिन्न विभागों के सुपर स्पेशलिस्ट एवं विशेषज्ञ डॉक्टर अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।
रोगियों के प्रति सहानुभूति का संदेश
कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि रोगियों की देखभाल केवल दवाइयों तक सीमित नहीं होनी चाहिए, बल्कि मानवीय संवेदना, करुणा और सम्मान के साथ की जानी चाहिए। आयोजकों ने समाज से अपील की कि वे रोगियों के प्रति सहयोग और सहानुभूति की भावना अपनाएं।
इस अवसर पर डॉ. विनय सिन्हा (मुख्य चिकित्साधिकारी), डॉ. नीलिमा जैन, सिस्टर लता (प्रशासिका), नर्सिंग छात्राएं, विभागाध्यक्ष, मरीज एवं उनके परिजन उपस्थित रहे।
फातिमा हॉस्पिटल की सेवाएं
1995 में स्थापित फातिमा हॉस्पिटल प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY), ईसीएचएस, पूर्वोत्तर रेलवे, एचएएल, एनटीपीसी, एएआई, एसबीआई, आईओसीएल एवं मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से इम्पैनल्ड है। अस्पताल में 24 घंटे इमरजेंसी सेवा, ब्लड बैंक, डायलिसिस यूनिट, फार्मेसी और एम्बुलेंस सुविधा उपलब्ध है।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)