स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़ में आपका स्वागत है

भारतीय संस्कृति के प्रचार - प्रसार हेतु शोभा यात्रा निकाली गई।

इस खबर के स्पोंसर है सॉफ्टनिक इंडिया, शाही मार्केट, गोलघर, गोरखपुर


           

विद्या भारती गोरक्ष प्रांत द्वारा वीरांगना अहिल्याबाई होलकर की त्रिशताब्दी वर्ष के अवसर पर संस्कृति बोध परियोजना व्यापीकरण जन जागरण महा अभियान दिनांक 16 अगस्त 2024 से प्रारंभ होकर 31 अगस्त 2024 तक चलेगा ।इसी उपलक्ष्य में सरस्वती शिशु मंदिर (10+2 )पक्की बाग गोरखपुर के सरस्वती कक्ष में आयोजित कार्यक्रम में संस्कृति बोध परियोजना के प्रांत संयोजक दिवाकर मिश्र जी द्वारा इस अभियान के व्यापीकरण हेतु दिशा निर्देश दिया गया एवं नवीन पुस्तक का लोकार्पण हुआ।इसके बाद भैया बहनों द्वारा एक शोभा यात्रा निकाली गई। जिसमें विद्यालय के भैया बहन वीरांगना अहिल्या बाई की झांकी ,घोष दल के साथ कदम से कदम ताल मिलाते हुए चल रहे । समाज को जगाने के लिए पदयात्रा का शुभारंभ प्रधानाचार्य डॉक्टर राजेश सिंह जी द्वारा ध्वज दिखाकर किया गया ।यह यात्रा विद्यालय परिसर से बेनीगंज चौक, चरणलाल चौक, दुर्गाबाड़ी चौक होते हुए विद्यालय परिसर में पहुंची। इसका उद्देश्य अपनी संस्कृति को सजाना, सवारना, पलवित एवं पुष्पित करना है।संस्कृति वह गुण है जो हमें मनुष्य बनाती है। संस्कृति कोई साध्य वस्तु नहीं, जिसे मनुष्य प्रयोग कर सके। संस्कृति जीवन शैली है जो समाज को जीने का तरीका सिखाती है। मनुष्य ही संस्कृति का निर्माता है तथा संस्कृति ही मानव को मानव बनाती है। संस्कृति मानव को धर्म से जोड़ती है तथा हमें नैतिक मानव बनाती है। संस्कृति किसी समाज में गहराई तक व्याप्त गुणों के समग्र स्वरुप का नाम है। भारतीय संस्कृति की एक अनुकरणीय विशेषता है कि यह जीवन के धर्म और कर्म से जोड़ती है तथा यह बड़ों के प्रति सम्मान, पारिवारिक एकता ईमानदारी, परिश्रम तथा महापुरुषों एवं देवी-देवताओं तोर्थ स्थानों, नदियों के प्रति आस्था तथा अनेकों जन्तुओं के प्रति दया का भाव पैदा करती है।

आज समाज में धीरे-धीरे इन बातों का अभाव दिखाई दे रहा है। हमारे परिवार की जैसी संस्कृति होती है, हमारे बच्चे उसका अनुकरण करके वैसा बनते हैं। हमारे मनीषियों ने विचार करके अपनी संस्कृति की रक्षा और उसके उत्थान से मानव समाज में संस्कृति की संजीवनी शक्ति प्रदान करने हेतु संस्कृति ज्ञान परीक्षा का शुभारम्भ किया। आज समाज आणविक शक्ति से अधिक चरित्र की शक्ति की आवश्यकता है, जो अपनी संस्कृति से समाज को प्राप्त होगी और हमारा समाज नैतिक मूल्यों पर आधारित जीवन जी सकेगा।

इस अवसर पर समस्त विद्यालय परिवार उपस्थित रहा।

Support India to emerge as a knowledge society by identifying and nurturing the inner strength of youth and rural people, so that India can be transformed into a developed nation..

Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)

latest post