- by Manish Kumar Susari
- 2026-02-16 15:44:37
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट एवं द इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स गोरखपुर लोकल चैप्टर के संयुक्त तत्वाधान मे एनर्जी कंज़र्वेशन्स डे 2023 पर आधारित एक सेमिनार का आयोजन संस्थान के डॉ ए पी जे अब्दुल कलाम सभागार मे किया गया | कार्यक्रम के शुरुआत मे संस्थान के डीन ऐकडेमिक डॉ आर पी सिंह ने सभी अतिथियों का स्वागत किया | कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए मुख्य अतिथि इं आशुतोष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि गैर नवीकरणीय ऊर्जा श्रोतो के सिमित सीमित भंडार के उस पर हमारी निर्भरता काफ़ी ज्यादा हैं, इसके अलावा जागरूकता के अभाव व अन्य कारणों से बड़े पैमाने पर ऊर्जा की बर्बादी होती हैं | इसी को ध्यान मे रख कर ज्यादा से ज्यादा लोगों को नवीकरणीय ऊर्जा श्रोत अपनाने और ऊर्जा की बर्बादी रोकने के लिए ही ऐसे कार्यक्रम का आयोजन लगातार 1991 से किया जा रहा हैं | उन्होंने प्रधानमंत्री जी के द्वारा ऊर्जा के क्षेत्र मे 5 बड़े पंचामृत संकल्प के ऊपर भी विस्तार से चर्चा किया | मुख्य अतिथि ने छात्रों की जिज्ञासा और उनके प्रश्नों का भी बखूबी उत्तर दिया |
कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए हुए मुख्य वक्ता पूर्व मुख्य अभियंता सिचाई विभाग एम पी कंदोई ने कहा कि संरक्षण का मतलब ऊर्जा की बर्बादी को रोकना हैं | ऊर्जा का कैसे हमें बचत करना हैं इसके लिए समाज मे लोगों को जागरूकता करने की जरुरत हैं |
एमएमयूटी एलुमिनी एसोसिएशन के अध्यक्ष जे बी राय ने कहा की पर्यावरण संतुलन को बरकरार नही कर पाए जिसकी वजह से ऊर्जा की खपत बढ़ गई |
संस्थान के निदेशक डॉ एन के सिंह ने सभी आगंतुकों के प्रति आभार प्रकट करते हुए कहा कि सभी लोग को ऊर्जा का संरक्षण करके समाज हित मे एक अहम भूमिका निभाना होगा अगर हम ऐसा कर पाने मे असफल रहे तो आने वाले समय मे हम लोग को बड़ी चुनौतीयों का सामना करना पड़ेगा | कार्यक्रम का संचालक इंस्टिटूशन्स ऑफ इंजीनियर्स गोरखपुर लोकल चैप्टर के सचिव इं रमेश चंद्र पाण्डेय ने किया |इस अवसर पर संस्थान के अध्यक्ष नीरज मातनहेलिया, सचिव श्याम बिहारी अग्रवाल, कोषाध्यक्ष निकुंज मातनहेलिया, संयुक्त सचिव अनुज अग्रवाल, इं ए के सिंह, इं एच आर जायसवाल, इं के के पाण्डेय डीन फार्मेसी निधि गुप्ता, विनीत राय, आशुतोष राव, डॉ आशुतोष गुप्ता, प्रदीप कुमार चौधरी सहित सभी शिक्षकगण और छात्र -छात्राएं मौजूद रहे |
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)