- by Saourabh Kumar
- 2026-08-14 14:43:13
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
अगस्त क्रांति के अमर शहीद भगवती प्रसाद बारी की पुण्य स्मृति में बारी समाज के लोगों ने गुरुवार को सिविल लाइंस स्थित शहीद स्थल पर श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। इस दौरान शहीद भगवती प्रसाद बारी के चित्र पर पुष्पमाला अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई।
कार्यक्रम के दौरान रीति आई केयर अस्पताल के तत्वावधान में निःशुल्क नेत्र जांच शिविर का भी आयोजन किया गया, जिसमें लोगों ने स्वास्थ्य जांच का लाभ उठाया।
श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने शहीद भगवती प्रसाद बारी के अदम्य साहस और बलिदान को याद किया। वक्ताओं ने बताया कि मात्र 24 वर्ष की अल्पायु में महात्मा गांधी के आह्वान पर स्वराज आंदोलन में ‘करो या मरो’ के संकल्प के साथ भगवती प्रसाद बारी ने अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ संघर्ष किया।
बताया गया कि 13 अगस्त 1942 को हिवेट रोड चौराहे पर अंग्रेजों के संचार तंत्र को बाधित करने के उद्देश्य से भगवती प्रसाद बारी टेलीफोन लाइन का तार काटने के लिए खंभे पर चढ़े थे। इसी दौरान ब्रिटिश पुलिस ने उन्हें गोली मार दी, जिससे वे जमीन पर गिर पड़े और वीरगति को प्राप्त हुए। वक्ताओं ने कहा कि उनका बलिदान देश की स्वतंत्रता के लिए किए गए संघर्ष और युवाओं के साहस की प्रेरणादायक मिसाल है।
कार्यक्रम में प्रमुख रूप से मनोज कुमार रावत आस्था, एडवोकेट अंकुर बारी, अनिल वर्मा, कमलेश कुमार, अवधेश कुमार, सत्यनारायण रावत, लल्लू प्रसाद, डॉ. आर.पी. वर्मा, भरत लाल, शिवम वर्मा, अनिल कुमार लाल, रमाकांत रावत, मुकेश रावत, जय शंकर रावत, शंभू नाथ रावत, श्रीमती रंजीता रावत एवं श्रीमती किरन देवी सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।
इसके अलावा अनुराग रावत, सुनील रावत, अशोक वर्मा, विवेक रावत, चंद्रकांत, शंकर लाल, बसंत लाल, विनय रावत, निक्की, राजीव प्रकाश, विनोद रावत, अमित रावत, अधीर रावत एवं सौरभ वर्मा समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग कार्यक्रम में शामिल हुए।
कार्यक्रम के माध्यम से बारी समाज के लोगों ने शहीद भगवती प्रसाद बारी के बलिदान को नमन करते हुए उनके योगदान को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
Support India to emerge as a knowledge society by identifying and nurturing the inner strength of youth and rural people, so that India can be transformed into a developed nation..
Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)