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जीन एड्रिएन ल्यूक का 92 वर्ष की आयु में निधन, शिक्षा जगत में शोक

इस खबर के स्पोंसर है सॉफ्टनिक इंडिया, शाही मार्केट, गोलघर, गोरखपुर


शहर की सम्मानित पूर्व मैट्रन एवं शिक्षा जगत से लंबे समय तक जुड़ी रहीं श्रीमती जीन एड्रिएन ल्यूक का 5 अगस्त 2026 को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनका जन्म 16 जनवरी 1934 को हुआ था। उनके निधन की खबर से शिक्षा जगत और उनसे जुड़े लोगों में शोक की लहर है।

श्रीमती जीन एड्रिएन ल्यूक मुगलसराय से इलाहाबाद (वर्तमान प्रयागराज) आई थीं। उन्होंने गर्ल्स हाई स्कूल (GHS) के बोर्डिंग हाउस में मैट्रन के रूप में लंबे समय तक सेवाएं दीं। इसी विद्यालय में उनकी बेटियों ने भी शिक्षा प्राप्त की। वहीं उनके पुत्र बॉयज हाई स्कूल (BHS) के हॉस्टल में पढ़े। बाद में उन्होंने GHS से सेवाएं समाप्त कर BHS में फूड मैट्रन के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई।

विद्यार्थियों के प्रति उनका स्नेह, अनुशासनप्रियता और मातृत्व भाव उन्हें विशिष्ट बनाता था। अपने सरल एवं स्नेहपूर्ण व्यवहार के कारण वह विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय कर्मचारियों के बीच बेहद लोकप्रिय थीं। उनके प्रति सभी के मन में गहरा सम्मान और अपनापन था।

श्रीमती ल्यूक के परिवार में दो बेटियां और चार बेटे हैं। उनकी एक बेटी प्रयागराज में रहती हैं, जबकि दूसरी कनाडा में निवास करती हैं। उनके चार बेटों में एक BHS के प्रधानाचार्य हैं, एक पुणे में प्रधानाचार्य के पद पर कार्यरत हैं, एक सेवानिवृत्ति के बाद मुंबई में रहते हैं, जबकि सबसे छोटे पुत्र प्रयागराज में रहते हैं और मैरी लुकस में शिक्षक के रूप में सेवाएं दे चुके हैं।

उनके सभी बच्चों ने अपने-अपने क्षेत्रों में उल्लेखनीय सफलता हासिल की है। उनके नाती-पोते भी विभिन्न क्षेत्रों में आगे बढ़ रहे हैं।

श्रीमती जीन एड्रिएन ल्यूक अपने पीछे सेवा, स्नेह, समर्पण, अनुशासन और मजबूत पारिवारिक मूल्यों की अमूल्य विरासत छोड़ गई हैं। उनके निधन से शिक्षा जगत ने एक स्नेहमयी और समर्पित व्यक्तित्व खो दिया है।

Support India to emerge as a knowledge society by identifying and nurturing the inner strength of youth and rural people, so that India can be transformed into a developed nation..

Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)

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