- by Shakti Shanker
- 2026-08-08 00:00:59
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बस्ती में दीवानजी पर युवक को थप्पड़ मारने का आरोप, पीड़ित ने आला अधिकारियों से की शिकायत
बस्ती। उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था को बेहतर बनाने और अपराध एवं गुंडागर्दी पर अंकुश लगाने के सरकार के दावों के बीच पुलिसकर्मियों के कथित दुर्व्यवहार के मामले लगातार सवाल खड़े कर रहे हैं। पिछले कुछ दिनों में सामने आए अलग-अलग मामलों ने पुलिस की कार्यप्रणाली और आम नागरिकों के साथ उसके व्यवहार को लेकर बहस छेड़ दी है।
ताजा मामला बस्ती जिले के रुधौली थाना क्षेत्र के हनुमानगंज चौकी क्षेत्र से सामने आया है। यहां एक युवक ने आरोप लगाया है कि पुलिस चौकी में तैनात दीवान ने उसे कसकर थप्पड़ मार दिया। घटना के बाद युवक ने मौके पर हंगामा किया और पुलिसकर्मी से सवाल करता रहा कि उसे क्यों मारा गया। बताया जा रहा है कि युवक ने मामले की शिकायत पुलिस के आला अधिकारियों से भी की है।
घटना का वीडियो सामने आने के बाद मामला चर्चा में है। हालांकि, वीडियो और शिकायत में लगाए गए आरोपों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। अब सवाल यह है कि पुलिसकर्मियों के खिलाफ लगाए जा रहे इस तरह के आरोपों पर विभागीय स्तर पर क्या कार्रवाई होती है।
गोरखपुर में भी पुलिसकर्मियों की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
गोरखपुर में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार के मामले में कैंट थाना प्रभारी संजय सिंह को निलंबित किए जाने के बाद भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विभाग द्वारा कार्रवाई किए जाने से यह संदेश जरूर गया है कि पुलिसकर्मियों के आचरण को लेकर शिकायतों को गंभीरता से लिया जा रहा है।
10 वर्षीय बच्ची की हत्या के मामले ने भी झकझोरा
वहीं, गोरखपुर में 10 वर्षीय बच्ची दीपिका शर्मा के अपहरण के बाद हत्या के मामले ने पूरे समाज को झकझोर दिया है। इस मामले में पुलिस की भूमिका और डायल-112 पर तैनात सिपाही अभिषेक यादव से जुड़े आरोपों को लेकर भी सवाल उठे हैं। मामले में सामने आए आरोपों की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही अंतिम सच्चाई सामने आएगी।
मुख्यमंत्री के दावे बनाम जमीनी तस्वीर?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार प्रदेश में अपराध और गुंडागर्दी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात करते रहे हैं। ऐसे में सवाल यह उठता है कि जब सरकार आम अपराधियों की दबंगई पर अंकुश लगाने की बात कर रही है, तो पुलिसकर्मियों पर लगने वाले कथित दुर्व्यवहार और मारपीट के आरोपों पर भी उतनी ही सख्ती से कार्रवाई क्यों न हो?
आम नागरिक का पुलिस पर भरोसा तभी मजबूत होगा, जब कानून के रखवाले खुद कानून और अनुशासन के दायरे में रहकर काम करेंगे।
अब देखना होगा कि बस्ती के हनुमानगंज चौकी क्षेत्र में युवक के साथ कथित मारपीट के मामले में पुलिस के आला अधिकारी क्या जांच कराते हैं और जांच के बाद क्या कार्रवाई होती है।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)