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क्राउड फंडिंग ने बचाई नन्हीं जयश्री की जान, एक साल बाद स्वास्थ्य में दिखा बड़ा सुधार

इस खबर के स्पोंसर है सॉफ्टनिक इंडिया, शाही मार्केट, गोलघर, गोरखपुर


गोरखपुर: एस.एम.ए. (स्पाइनल मस्कुलर एट्रोफी) जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही नन्ही जयश्री के लिए इंसानियत और क्राउड फंडिंग एक बड़ा वरदान साबित हुई है। ठीक एक साल पहले आज ही के दिन, देश-विदेश के हजारों लोगों के सहयोग से जुटाई गई 9.35 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि से जयश्री को जीवन रक्षक इंजेक्शन लगाया गया था। इस सफल प्रयास के एक साल बाद अब नन्ही जयश्री के स्वास्थ्य में तेजी से सुधार देखने को मिल रहा है, जिससे परिवार और सहयोगियों में खुशी की लहर है।

सहयोगियों के प्रति जताया आभार इस खुशी और कृतज्ञता के अवसर पर जयश्री के माता-पिता ने गोरखपुर के एक स्थानीय होटल में मदद करने वाले लोगों के सम्मान में एक विशेष समारोह का आयोजन किया। बच्ची के पिता प्रशांत कुमार यादव, जो भारतीय वायु सेना में जांबाज सैनिक के रूप में कार्यरत हैं, और माता डॉ. नेहा यादव ने इस मानवीय प्रयास में योगदान देकर बच्ची को नया जीवन देने वाले सभी लोगों का हृदय से आभार व्यक्त किया।

160 भाषाओं में गाने वाले संस्कार स्वप्निल का हुआ सम्मान समारोह का मुख्य आकर्षण दुनिया की 160 भाषाओं में गायन की अद्भुत प्रतिभा रखने वाले होनहार बालक 'संस्कार स्वप्निल' का सम्मान रहा। उन्हें उनके निस्वार्थ सामाजिक सहयोग के लिए सम्मानित किया गया। इस मौके पर संस्कार ने जयश्री के स्वस्थ और उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

'समाज का कर्ज चुकाना हमारा कर्तव्य' सम्मान प्राप्त करने के बाद संस्कार स्वप्निल ने अपने विचारों से वहां मौजूद सभी लोगों का दिल जीत लिया। उन्होंने कहा, "जब कोई व्यक्ति इस धरती पर जन्म लेता है, तो उस पर समाज का कुछ न कुछ ऋण होता है। इसलिए हमें देश और समाज की सेवा के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए।" संस्कार ने बताया कि सामाजिक कार्य करके उन्हें बहुत खुशी मिलती है और इसकी प्रेरणा उन्हें अपने माता-पिता और परिवार से ही मिली है।

आईआईटी और प्रशासनिक सेवा है लक्ष्य बता दें कि संस्कार वर्तमान में गोरखपुर के जी.एन. नेशनल पब्लिक स्कूल, गोरखनाथ में कक्षा 8 के छात्र हैं। संगीत के क्षेत्र में कई उल्लेखनीय कीर्तिमान स्थापित कर चुके संस्कार का भविष्य का लक्ष्य पहले आईआईटी (IIT) करना और उसके बाद प्रशासनिक सेवा में जाकर देश की सेवा करना है।

मानवता और एकजुटता की इस मिसाल ने यह साबित कर दिया है कि अगर समाज एक साथ खड़ा हो जाए, तो किसी भी असाध्य बीमारी और मुश्किल को हराया जा सकता है।

Support India to emerge as a knowledge society by identifying and nurturing the inner strength of youth and rural people, so that India can be transformed into a developed nation..

Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)

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