- by Amit Kumar Gond
- 2026-02-12 11:01:01
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
संवाददाता विशेष | सहजनवा, गोरखपुर
गोरखपुर जनपद के सहजनवा क्षेत्र में आयोजित हो रहे "अदालत राजनीति" कार्यक्रम को लेकर हाल ही में कई सवाल उठाए गए, जिनका जवाब आयोजकों और कार्यक्रम से जुड़े पदाधिकारियों ने विस्तार से दिया।
इस मंच को लेकर कुछ लोगों का कहना था कि यह आयोजन केवल प्रबुद्ध वर्ग के लिए सीमित है, आम जनता की भागीदारी सीमित है, और कार्यक्रम का नाम भ्रम पैदा कर रहा है। इसी पर बात करते हुए एक आयोजक ने स्पष्ट किया:
"यह कार्यक्रम केवल प्रबुद्ध वर्ग के लिए नहीं है। यह हर उस व्यक्ति का मंच है, जो समाज हित और जनहित की बात करता है। इस ‘अदालत’ में हर क्षेत्र के लोगों की आवाज़ सुनी जाएगी। सवाल भी होंगे, जवाब भी।"
उन्होंने कहा कि “अदालत राजनीति” नाम रखने का उद्देश्य है – एक ऐसा मंच देना जहाँ राजनीति के साथ समाज के मुद्दों पर खुली चर्चा हो सके, और वह भी जनता की सीधी मौजूदगी में।
यह केवल मंचीय औपचारिकता नहीं है, बल्कि मूल्य आधारित संवाद का प्रयास है।
हर वर्ग और क्षेत्र के प्रतिनिधि आमंत्रित हैं – चाहे वे राजनीति से हों, सामाजिक कार्यों से हों या आम जन हों।
कार्यक्रम को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचाने के लिए जगह-जगह एलईडी स्क्रीन लगाई जाएंगी, जिससे वे लोग भी कार्यक्रम से जुड़ सकें जो स्थल तक न आ सकें।
आयोजकों का कहना है कि यह कोई “बंद” कार्यक्रम नहीं है। आम जनता भी सवाल पूछ सकती है और अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकती है।
“यह अदालत किसी जाति, वर्ग या पार्टी की नहीं है — यह जनता की अदालत है। यहाँ हर वह विषय उठेगा जो समाज को प्रभावित करता है।”
कार्यक्रम का आयोजन सहजनवा में करने को लेकर भी आयोजक ने कहा:
“हम चाहते तो दिल्ली, मुंबई जैसे शहरों में यह आयोजन कर सकते थे, लेकिन हमने जानबूझकर सहजनवा को चुना ताकि ग्राम और कस्बा स्तर पर भी संवाद की परंपरा को मजबूत किया जा सके।”
“अदालत राजनीति” कार्यक्रम एक नई सोच के साथ सामने आया है, जिसका उद्देश्य केवल बहस नहीं, समाधान और समाज का हित केंद्र में रखना है। आयोजकों की ओर से यह संदेश स्पष्ट है कि मंच सबका है, सवाल सबके हैं, और जवाब भी सभी के लिए होंगे।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)