- by Manish Kumar Susari
- 2026-02-16 15:44:37
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गाजीपुर पुलिस की मनमानी: बिहार में बिना अनुमति दुकानदार को उठाने पर एसपी ने गहमर थाने के SHO और चार सिपाही किए निलंबित
गाजीपुर जिले के गहमर थाना पुलिस द्वारा बिहार के भभुआ जिले में एक दुकानदार को बिना अनुमति के उठाने की घटना ने कानून व्यवस्था और पुलिस समन्वय पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गाजीपुर के दिलदारनगर का एक युवक पिछले तीन वर्षों से भभुआ के रामगढ़ बाजार में किराए के मकान में रहकर दुकान चला रहा था। 20 मई 2025 को वह सूर्य सरोवर के पास पोखरे के किनारे टहल रहा था, तभी सादे कपड़ों में आए गहमर थाने के पुलिसकर्मियों ने बातचीत के बहाने उसे बीआरसी की दीवार के पास बुलाया और पहले से खड़ी सफेद गाड़ी में जबरन बैठाकर फरार हो गए। इस घटना की जानकारी मिलते ही रामगढ़ थाने की पुलिस ने हरकत में आकर CCTV फुटेज खंगाले और पूरी सच्चाई सामने आई।
गहमर थाना पुलिस ने बिना किसी अनुमति और कानूनी प्रक्रिया के बिहार की सीमा में घुसकर यह कार्रवाई की, जो गंभीर उल्लंघन माना गया। बिहार पुलिस ने जब गाजीपुर के एसपी डॉ. ईरज राजा से संपर्क किया, तो उन्होंने तत्काल गहमर थाना प्रभारी से जवाब-तलब किया। थाना प्रभारी ने दावा किया कि दुकानदार हेरोइन तस्कर है, लेकिन जब पूछा गया कि बिना अनुमति बिहार की सीमा में कैसे घुस गए और पकड़े जाने के बाद छोड़ा क्यों, तो कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
जांच में गहमर थाना प्रभारी अशेषनाथ सिंह और चार सिपाहियों—मनोज दूबे, प्रमोद कुमार, शिवकुमार पाल और अमरजीत पाल की भूमिका संदिग्ध पाई गई। नियमों की धज्जियां उड़ाई गईं। इसके बाद एसपी डॉ. ईरज राजा ने निलंबन की कार्रवाई करते हुए थाने की कमान भुड़कुड़ा थानाध्यक्ष शैलेश मिश्रा को सौंप दी। इस घटना ने न सिर्फ यूपी पुलिस की छवि धूमिल की, बल्कि कानून की सरेआम धज्जियां भी उड़ाईं।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)