- by Amit Kumar Gond
- 2026-02-12 11:01:01
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
नगर पंचायत कैंपियरगंज में शुक्रवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जटायु संरक्षण केंद्र का उद्धघाटन किया। इस दौरान उन्होंने कहा- आज जटायु संरक्षण केंद्र के लोकार्पण कार्यक्रम में आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। इसके लिए मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। मुख्यमंत्री ने कहा की रामायण काल का पहला वरदानी, जिसने धर्म के लिए, नारी गरिमा और रक्षा के लिए अपने आपको बलिदान किया था। तो वह वीर और वरदानी कोई और नहीं था। वह वीरराज जटायु थे।उन्होंने कहा आज भी आप गांव में देखते होंगे कि अपने घर में कोई खाना खिलाए या न खिलाए, लेकिन कोई कसाई गाय की हत्या कर दे तो मुझे लगता है कि कोई सनातनी इसको बर्दाश्त नहीं करता है।बंदर भले ही आपकी फसल-बाग का कितना ही नुकसान कर ले, लेकिन कोई बंदर की हत्या कर दे, तो आप उसे बर्दाश्त नहीं करते। क्योंकि उसके पूर्वजों ने हमारी परंपरा के लिए सर्वस्व बलिदान करने में योगदान दिया था।
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि जहां वन से संबंधित पढ़ाई के लिए डिग्री और डिप्लोमा के पाठ्यक्रम चलाए जाएं। इससे वन विभाग की आवश्यकता के अनुरूप विभिन्न पदों पर युवाओं को नौकरी भी मिल सकेगी। साथ ही यह फॉरेस्ट्री को विकसित करने और वन संरक्षण का बड़ा माध्यम भी बनेगा।
मुख्यमंत्री ने इस केंद्र के निर्माण में योगदान देने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित भी किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि जब विकास प्रकृति और पर्यावरण को बचाकर किया जाएगा, तभी वह सतत विकास होगा। लंबे समय तक उसका लाभ मिलेगा। प्रकृति और पर्यावरण की कीमत पर होने वाला विकास क्षणिक और खतरनाक होता है। इसके दूरगामी परिणाम होते हैं।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)