- by Sakshi Singh
- 2026-02-05 14:52:47
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
गोरखपुर/वाराणसी, 01 जनवरी 2026।
विश्व शांति मिशन से संबद्ध साहित्य साधना काशी मंच द्वारा नव वर्ष की पूर्व संध्या पर एक भव्य आभासी (ऑनलाइन) कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ राम अवतार द्वारा सरस्वती वंदना से हुआ।
गोष्ठी को दिशा देते हुए जबलपुर से सरोज विश्वकर्मा ने अपनी रचना “नव वर्ष नव आभा के खोल कपाट” का पाठ किया। इसके पश्चात ममता श्रवण अग्रवाल ने भावपूर्ण कविता “आज हमारी वसुधा ने हमें भेजा है नेह निमंत्रण” प्रस्तुत की। जोधपुर से संजीदा खानम शाहीन ने “जाते हुए साल को सलाम मेरा” पढ़कर श्रोताओं की खूब वाहवाही लूटी।
क्रम में राम निवास तिवारी ने “नये साल में नई उमंगें नई तरंगें लाना है” तथा गुवाहाटी से मधु माहेश्वरी ने “नये वर्ष का स्वागत द्वार सजाना है” शीर्षक रचना प्रस्तुत कर श्रोताओं को आत्ममंथन के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे अरुण कुमार श्रीवास्तव ने “नया साल आया है बीता पुराना” तथा “मै नफ़रत का करना हवन चाहता हूँ” जैसी सारगर्भित रचनाओं का प्रभावशाली काव्यपाठ किया।
गोष्ठी का संचालन मध्य प्रदेश से सतीश शिकारी ने किया। उन्होंने संस्कृत भाषा में रचना पाठ कर कार्यक्रम को विशेष गरिमा प्रदान की। वाराणसी से संगीता श्रीवास्तव ने “आया साल नया नई भोर” प्रस्तुत कर नया आयाम जोड़ा। कल्पना केसर ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को समर्पित रचना पढ़ी। अंजनी कुमार ने “संध्या की दहलीज खड़ा है” तथा राजीव जिया कुमार ने “नवीन पवन है नवीन गगन है” पढ़कर श्रोताओं की सराहना प्राप्त की।
कार्यक्रम के अंत में मंच की संस्थापिका संगीता श्रीवास्तव ने सभी कवियों, श्रोताओं एवं आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)