- by Manish Kumar Susari
- 2026-02-16 15:44:37
स्वदेशी इनक्रेडिबल न्यूज़
ग़ाज़ीपुर। जहूराबाद क्षेत्र के डाही ग्राम में सहायक अध्यापक गोपाल सिंह जी के नेतृत्व में समस्त ग्रामवासियों ने मानव धर्म प्रसार व्याख्यानमाला का आयोजन किया। श्री गंगा आश्रम की सलाहकार समिति के प्रमुख प्रसिद्ध उद्यमी इंद्रदेव सिंह जी ने परमहंस बाबा गंगारामदास के चित्र के समक्ष माल्यार्पण, पुष्पअर्चन और दीप अर्चन कर कार्यक्रम का प्रारंभ किया।
मुख्य वक्ता माधव कृष्ण ने कबीर साहब के पद से अपने व्याख्यान का आरंभ करते हुए कहा कि, लोग भ्रष्टाचार और अनाचार में इसलिए लिप्त हैं क्योंकि उन्हें घर जोड़ने की चिंता है। घर, भविष्य, धन, कीर्ति इत्यादि के लिए समस्त संसार जल रहा है। इसलिए कबीर साहब ने इस असत्य की नींव पर खड़े घर को ही फूंक देने की बात कही। जो घर फूंके आपना, चले हमारे साथ। घर जोड़ने के लिए सत्य के साथ समझौते करने वाला आध्यात्मिक तो छोड़िए, मनुष्य भी नहीं हो सकता है। परमहंस बाबा गंगारामदास ने धार्मिकता का आह्वान नहीं, मनुष्यता का आह्वान किया क्योंकि धार्मिकता अपनी स्थापना के लिए खून बहा सकती है, लेकिन मनुष्यता सत्य, न्याय और परहित धर्म के अतिरिक्त और किसी चीज की स्थापना नहीं करती है।
विशिष्ट वक्ता इंद्रदेव सिंह जी ने कहा कि भगवान श्रीराम ने अपने पिता का विधिवत अंतिम संस्कार नहीं किया था लेकिन महावीर जटायु को पिता के समान सम्मान दिया क्योंकि जटायु उन सभी जंगल में तपस्या करने वाले ऋषि मुनियों से अधिक आध्यात्मिक मनुष्य निकले जो साधना तो कर रहे थे लेकिन एक स्त्री की करुण पुकार सुनकर अपनी कुटिया से निकलने का साहस नहीं दिखा सके। विशिष्ट वक्ता राजेंद्र मास्टर साहब ने कहा कि, मानव धर्म किसी जाति और धर्म विशेष का नहीं, इसलिए इसमें सभी लोगों को जुड़ना चाहिए क्योंकि आज खतरे में केवल मनुष्यता है।
ईश्वर वंदन, गुरु आरती और सार्वजनिक प्रसाद वितरण से कार्यक्रम का समापन हुआ। कार्यक्रम में संतोष, धनंजय सिंह, अजय, वीरेंद्र, अनिरुद्ध और समस्त ग्रामवासी उपस्थित थे।
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Er. Shakti Shankar Singh (Chief Editor)